Delhi CM Rekha Gupta Biography: भारतीय राजनीति में अपराधियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। 2014 से अब तक, संसद और विधानसभाओं में क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट्स के अनुसार, 2014 में 34% सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले थे, जो 2019 में बढ़कर 43% हो गए। यही ट्रेंड राज्यों की विधानसभाओं और कैबिनेट में भी देखने को मिल रहा है। खासतौर पर दिल्ली की नई सरकार में भी कई मंत्री ऐसे हैं, जिनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इस बढ़ते ट्रेंड को समझना ज़रूरी है, क्योंकि इससे न केवल राजनीति की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है, बल्कि जनता के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है – क्या हम सही दिशा में जा रहे हैं?
Delhi CM Rekha Gupta पर क्रिमिनल केस?
अगर आप दिल्ली की राजनीति को ध्यान से देख रहे हैं, तो आपने हाल ही में नाम सुना होगा – रेखा गुप्ता (Rekha Gupta Criminal Cases)! हां, वही रेखा गुप्ता, जिन्होंने 2025 में दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनने का सम्मान हासिल किया। लेकिन आइए, उनके सफर पर एक नजर डालते हैं, क्योंकि वो भी दिल्ली के उन 5 मिनिस्टर की लिस्ट में हैं, जिन पर क्रिमिनल केस हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, रेखा गुप्ता के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, उनके केस से जुड़ी ज्यादा जानकारी पब्लिकली अवेलेबल नहीं है। हालांकि सोशल मीडिया पर उनकी कई वीडियो सामने आ रही हैं, जिनमें वो भरी सभा में हाथापाई करती नज़र आ रही हैं। और किसी को थप्पड़ भी मारा था। सवाल यह है कि अगर उनके खिलाफ केस दर्ज हैं, तो जनता को जानने का पूरा हक़ है कि क्या केस हैं। प्रशासन को यह जानकारी सामने लानी चाहिए।
शुरुआती जिंदगी और पढ़ाई
रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जुलाना में हुआ था। उनके पापा जयभगवान बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थे, और जब रेखा सिर्फ 2 साल की थीं, तब उनका परिवार दिल्ली आ गया। दिल्ली में ही उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई। उन्होंने दौलत राम कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी से B.Com किया। लेकिन सिर्फ यही नहीं, 2022 में उन्होंने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ से LL.B (लॉ की डिग्री) भी ली। मतलब, पढ़ाई में भी कोई कमी नहीं छोड़ी।
फैमिली और पर्सनल लाइफ
अब थोड़ा पर्सनल लाइफ की बात कर लेते हैं। रेखा गुप्ता की शादी मनीष गुप्ता से हुई, जो एक सक्सेसफुल बिजनेसमैन हैं। भले ही मनीष गुप्ता का पॉलिटिक्स से कोई सीधा कनेक्शन नहीं है, लेकिन उन्होंने हमेशा रेखा के पॉलिटिकल करियर में उनका सपोर्ट किया।
पॉलिटिकल जर्नी – ABVP से लेकर मुख्यमंत्री तक!
अब सबसे इंटरेस्टिंग पार्ट – रेखा गुप्ता का पॉलिटिकल करियर! उनकी पॉलिटिक्स में एंट्री अचानक नहीं हुई थी, बल्कि ये एक प्लांड जर्नी थी। उनकी राजनीति की जर्नी एक स्टेप-बाय-स्टेप सक्सेस स्टोरी है।
- 1992: उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की।
- 1995-96: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) की सचिव बनीं।
- 1996-97: अगले ही साल, वो DUSU की अध्यक्ष बन गईं।
- 2007: पहली बार उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद चुनी गईं।
- 2010: बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मेंबर बनीं।
- 2022: MCD इलेक्शन में बीजेपी की मेयर कैंडिडेट रहीं।
- 2023: शालीमार बाग से MLA बनीं।
- 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं!
2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिला। पार्टी ने विधायक दल का लीडर चुनने के लिए कई नामों पर चर्चा की, लेकिन रेखा गुप्ता ने बाज़ी मार ली। और आखिरकार, वे दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बन गईं!
फाइनेंशियल स्टेटस – कितनी प्रॉपर्टी है?
रेखा गुप्ता ने अपने हलफनामे में कुल ₹5.31 करोड़ की संपत्ति डिक्लेयर की है। हालांकि, इसमें ₹1.20 करोड़ की लायबिलिटीज भी शामिल हैं। दिल्ली की नई सरकार बनने के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है – क्या बढ़ते क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले मंत्रियों से दिल्ली को खतरा है? एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार के मंत्रिमंडल में कई ऐसे सदस्य हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हैं।
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