Miss World 2025: Miss World 2025 के लिए ₹200 करोड़ के government budget allocation को लेकर तेलंगाना में जबरदस्त बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता के टैक्स का पैसा ऐसे ग्लैमरस इवेंट्स पर खर्च होना चाहिए, या इसे एजुकेशन, हैल्थकेयर, और इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाया जाना चाहिए? इस मुद्दे के दो बड़े पहलू हैं, पहला Beauty vs. Development; क्या पब्लिक मनी का इस्तेमाल ग्लैमर इवेंट्स के लिए होना चाहिए? दूसरा- ₹200 करोड़ का सही इस्तेमाल; अगर यह पैसा किसी और प्रोजेक्ट में लगता तो क्या-क्या हो सकता था?
Beauty vs. Development?
Miss World जैसे इंटरनेशनल इवेंट्स को लेकर सरकारें दावा करती हैं कि ये इकोनॉमिक ग्रोथ और टूरिज्म को बढ़ावा देते हैं। लेकिन क्या ये वास्तव में जनता के लिए फायदेमंद होते हैं? आइये इसे कुछ Global Case Study से समझते हैं। Paris के 2024 में ओलंपिक गेम्स की अगर हम बात करें, तो इसके लिए भारी सरकारी इन्वेस्टमेंट किया गया, लेकिन इसके साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल बिज़नेस डेवलपमेंट को भी महत्व दिया गया। वहीँ New York Fashion Weeks और Met Gala जैसे इवेंट्स से टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को बूस्ट मिलता है, लेकिन ये पूरी तरह प्राइवेट स्पॉन्सरशिप से फंड किए जाते हैं। Bangkok के Miss Universe 2018 को प्राइवेट सेक्टर और टूरिज्म बोर्ड ने फंड किया, जिसमें सरकारी बजट का डायरेक्ट कंट्रीब्यूशन नहीं था। तो तेलंगाना सरकार इसे प्राइवेट फंडिंग से क्यों नहीं करवा सकती?
लोकल इकोनॉमी को फायदा?
हाँ, टूरिज्म ग्रोथ हो सकती है, होटल, रेस्तरां, लोकल मार्केट को फायदा हो सकता है। लेकिन यह Short-term Impact है, जैसे ही इवेंट खत्म होता है, उसके बाद इसका असर धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। Job Creation भी होती हैं, लेकिन टेम्परेरी नौकरियाँ मिलती हैं, लॉन्ग-टर्म एम्प्लॉयमेंट पर असर नहीं पड़ता। जैसा कि Mahakumbh 2025 में आपने देखा, लोगों ने पैसा कमाया, लेकिन वो टेम्पररी जरिया था इनकम और एम्प्लॉयमेंट का।
₹200 करोड़ का सही इस्तेमाल?
आम जनता का मानना है कि ₹200 करोड़ पब्लिक वेलफेयर पर खर्च होना चाहिए, न कि एक फैशन इवेंट पर। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह इवेंट तेलंगाना को ग्लोबल स्टेज पर पहचान दिलाएगा। तेलंगाना इससे और क्या कर सकता था। ₹200 करोड़ की कीमत क्या है? इससे 50 नए सरकारी स्कूल बन सकते हैं, या कम से कम 20 नए सरकारी अस्पताल भी बन सकते हैं। इतना ही नहीं, 30,000+ बेरोज़गार युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम हो सकते हैं या फिर 500+ गाँवों में साफ़ पीने के पानी और sanitation facilities दी जा सकती हैं। या फिर 5000 किसानों को सब्सिडी और modern farming tools दिए जा सकते हैं।
तो क्या इस इन्वेस्टमेंट के लिए क्या Miss World से बेहतर कोई और इन्वेस्टमेंट हो सकता था? तेलंगाना में पहले से ही drinking water crisis, unemployment and education जैसी प्रॉब्लम चल रही हैं। राज्य में अभी भी कई जगहों पर बेसिक हेल्थ केयर फेसिलिटी नहीं हैं। “Miss World जैसे इवेंट्स ग्लैमरस होते हैं, लेकिन ₹200 करोड़ का इस्तेमाल स्वास्थ्य और शिक्षा पर होना चाहिए।” – एक स्थानीय टीचर का यह ब्यान आया है। वहीँ एक स्टार्टअप ओनर ने कहा कि “अगर सरकार को इतना पैसा खर्च करना ही है, तो इसे टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाना चाहिए।”
Miss World जैसे इवेंट्स से ब्रांडिंग होती है, लेकिन इसका सीधा फायदा जनता को नहीं मिलता। अगर तेलंगाना सरकार इसे करवाना ही चाहती है, तो इसे प्राइवेट स्पॉन्सरशिप से फंड करना चाहिए। ₹200 करोड़ को health, education और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाया जाता, तो आम जनता को फायदा होता।
FAQs
> तेलंगाना सरकार Miss World 2025 के लिए ₹200 करोड़ क्यों खर्च कर रही है?
सरकार का दावा है कि इससे टूरिज्म और ग्लोबल ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल है।
> क्या Miss World जैसे इवेंट्स से लोकल इकोनॉमी को फायदा होता है?
टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को कुछ हद तक फायदा होता है, लेकिन यह लॉन्ग-टर्म जॉब क्रिएशन या पब्लिक वेलफेयर के लिए फायदेमंद नहीं होता।
> तेलंगाना सरकार इस इवेंट को प्राइवेट स्पॉन्सरशिप से फंड क्यों नहीं करवा रही?
अभी तक सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे इवेंट्स अधिकतर प्राइवेट फंडिंग से होते हैं।
> ₹200 करोड़ की रकम से क्या किया जा सकता था?
इस पैसे से 50 सरकारी स्कूल, 20 अस्पताल, 30,000+ युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और 5000 किसानों को सब्सिडी दी जा सकती थी।
> क्या भारत में पहले भी सरकारी पैसे से ऐसे इवेंट्स आयोजित किए गए हैं?
हाँ, लेकिन ज्यादातर खेल आयोजनों (Commonwealth Games, Asian Games) पर खर्च हुए हैं, जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट भी हुआ।
> Miss World 2025 की होस्टिंग से तेलंगाना की छवि पर क्या असर पड़ेगा?
इससे राज्य को ग्लोबल एक्सपोज़र मिलेगा, लेकिन अगर लोकल वेलफेयर प्रोजेक्ट्स को अनदेखा किया गया, तो जनता इसके खिलाफ तो जाएगी ही।
> क्या अन्य राज्यों में भी ऐसे इवेंट्स के लिए सरकारी फंडिंग होती है?
ज्यादातर राज्यों में ऐसे इवेंट्स को प्राइवेट स्पॉन्सरशिप और CSR के जरिए फंड किया जाता है।
> Miss World इवेंट कब और कहाँ होगा?
इवेंट 2025 में तेलंगाना में आयोजित होगा (Sat, 31 May, 2025)।
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